सोच की दायरा
“आंखें बंद करिए सोच का दायरा बढ़ाइए कामयाबी बस कुछ कदम दूर है; कदम तो बढ़ा यह सोच कर मत घबराइए”: धर्मेंद्र सिंह
सफलता के रस्ते
जीवन पथ ( मार्ग) बड़ी मुश्किल और कठिन डगर है, हम अपनी मंजिलें तो तय कर लेते हैं। मंजिलों को पाने के लिए हम कितना भी तय कर लेते। परंतु उस मंजिल तक जाने वाले रास्ता और उस रास्ते पर पड़ने वाले पड़ाव मोर कहीं-कहीं तो थोड़ी बहुत तो कड़वी लगती। पढ़ना तो हम ठोकर
विरोध का साहस
इतिहास गवाह है जिस व्यक्ति ने गलत का विरोध बहुत ही साहस के साथ किया उसका नाम हमेशा ही स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया इसके एक नहीं बल्कि अनेक उदहारण मौजूद है