GPS system

सिर्फ इन 6 देशों के पास है अपना GPS सिस्टम! दुनिया उनके भरोसे चलती है

5/5 - (1 vote)

आज के समय में जब हम अपने स्मार्टफोन से नेविगेशन करते हैं या कार में GPS सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, तो क्या आप जानते हैं कि पूरी दुनिया सिर्फ अमेरिका के GPS पर ही नहीं चलती? वास्तव में, विश्व के केवल कुछ ही देशों के पास अपना खुद का नेविगेशन सिस्टम है। इसे तकनीकी भाषा में GNSS (Global Navigation Satellite System) कहा जाता है।

GNSS एक ऐसा नेटवर्क है जिसमें कई सैटेलाइट्स शामिल होते हैं जो लगातार पृथ्वी पर सिग्नल भेजते हैं। हमारे फोन, कार या स्मार्ट डिवाइस इन सिग्नलों को रिसीव करके हमारी सटीक लोकेशन बता देते हैं। एक सटीक लोकेशन के लिए कम से कम चार सैटेलाइट्स का सिग्नल होना जरूरी है।

मक्खन की तरह स्मूद चलेगी आपकी कार! ये 12 Best Car Maintenance Tips अपनाएंगे तो सालों तक नहीं आएगी बड़ी खराबी

1. अमेरिका – GPS

दुनिया का सबसे पुराना और सबसे लोकप्रिय नेविगेशन सिस्टम GPS है, जिसे अमेरिका ने विकसित किया। इसमें 24 से अधिक सैटेलाइट्स हैं जो धरती से लगभग 20,200 किलोमीटर की ऊंचाई पर घूमती हैं। ज्यादातर स्मार्टफोन और वाहनों में इस्तेमाल होने वाला नेविगेशन इसी पर आधारित है।

2. रूस – GLONASS

रूस का GLONASS सिस्टम भी काफी पुराना है और 1980 के दशक से काम कर रहा है। इसमें भी 24 सैटेलाइट्स हैं। कुछ परिस्थितियों में यह GPS से भी अधिक सटीक साबित होता है।

3. चीन – BeiDou

चीन का BeiDou सिस्टम शुरू में केवल क्षेत्रीय स्तर पर काम करता था, लेकिन अब यह पूरी दुनिया को कवर करता है। इसके पास 35 से अधिक सैटेलाइट्स हैं, जो इसे वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाते हैं।

4. यूरोपियन यूनियन – Galileo

Galileo सिस्टम यूरोप का है और यह खासकर अपनी उच्च सटीकता (High Accuracy) के लिए जाना जाता है। इसमें 28 से ज्यादा सैटेलाइट्स शामिल हैं और इसे नागरिक उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है।

90% लोग नहीं जानते यह नियम LPG सिलेंडर के साथ मिलता है ₹50 लाख का फ्री इंश्योरेंस! हादसा होने पर ऐसे करें क्लेम

5. भारत – NavIC

भारत ने भी इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। ISRO का NavIC सिस्टम भारत और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बेहद सटीक लोकेशन डेटा प्रदान करता है। इसमें 7 सैटेलाइट्स हैं और इसे 2013 में लॉन्च किया गया था। सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से यह भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

6. जापान – QZSS

जापान का QZSS सिस्टम एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। यह GPS के साथ मिलकर काम करता है और उन इलाकों में विशेष रूप से उपयोगी है जहां GPS सिग्नल कमजोर होता है।

फोन से Uninstall के बाद भी Apps चुरा रहे हैं आपका डेटा? जानिए कैसे!


संक्षेप में कहा जाए तो, पूरी दुनिया सिर्फ अमेरिका के GPS पर निर्भर नहीं है। कुल छह देशों और समूहों ने अपनी तकनीक के दम पर खुद का नेविगेशन सिस्टम तैयार किया है। यह न केवल उनकी सुरक्षा और तकनीकी स्वतंत्रता के लिए अहम है, बल्कि रणनीतिक बढ़त हासिल करने में भी मदद करता है।

कार, बाइक, स्कूटी, ट्रक, बस के लिए जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लाइव लोकेशन ट्रैकिंग इंजन चालू/बंद अलर्ट

Climate Crisis : मानव जाती के लिए खतरा दुनिया भर में CO2 संकट अब नहीं रोका जा सकता ? (The World’s Most Polluting Countries)

error: Content is protected !!
Scroll to Top
Indian Army Day 2024 : 15 जनवरी भारतीय सेना के लिए स्पेशल क्यों है Pushkar Mela 2023 : राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेले में विदेशियों पर्यटकों का आगमन Air Pollution in India : दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत में एयर पॉल्यूशन का स्तर 10 गुना ज्यादा खतरनाक Karwa Chaoth : करवा चौथ व्रत की पूजा सामग्री Maa Narmda Nadi Story : माँ नर्मदा नदी Jai Aambe Gauri (जय अम्बे गौरी आरती)
Indian Army Day 2024 : 15 जनवरी भारतीय सेना के लिए स्पेशल क्यों है Pushkar Mela 2023 : राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेले में विदेशियों पर्यटकों का आगमन Air Pollution in India : दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत में एयर पॉल्यूशन का स्तर 10 गुना ज्यादा खतरनाक Karwa Chaoth : करवा चौथ व्रत की पूजा सामग्री Maa Narmda Nadi Story : माँ नर्मदा नदी